नई दिल्ली, अगस्त 14 -- राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग (एनसीएच) ने कहा कि होम्योपैथिक डॉक्टर किसी दूसरी चिकित्सा पद्धति की प्रैक्टिस नहीं कर सकते। हालांकि, वे जरूरी प्रशिक्षण पूरा करने के बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों और केंद्र या राज्य सरकार की अन्य स्वास्थ्य योजनाओं के तहत काम कर सकते हैं। आयोग ने यह स्पष्टीकरण नेशनल कमीशन फॉर होम्योपैथी (प्रोफेशनल कंडक्ट, एटीकेट और कोड ऑफ एथिक्स फॉर प्रैक्टिशनर्स ऑफ होम्योपैथी) रेगुलेशन, 2022 के नियम 36(वाई) के तहत दिया। इस नियम में कहा गया कि होम्योपैथिक डॉक्टर होम्योपैथी के अलावा किसी अन्य चिकित्सा पद्धति की प्रैक्टिस नहीं कर सकता। अगर कोई डॉक्टर होम्योपैथी की डिग्री लेकर होम्योपैथिक डॉक्टर है, तो वह अपनी मर्जी से एलोपैथी, आयुर्वेद या किसी दूसरी चिकित्सा पद्धति से इलाज नहीं कर सकता।

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