नई दिल्ली, मई 29 -- पिछले कुछ वर्षों में देश ने एक अलग तरह की राजनीति देखी। नई तरह की।'रिजॉर्ट पॉलिटिक्स'। सांसदों, विधायकों के पाला बदल को रोकने के लिए उन्हें प्रतिद्वंद्वी दलों की पहुंच से दूर किसी सुरक्षित जगह पर ठहराना। कभी कहीं विधानसभा चुनावों के बाद तो कभी कहीं विधायिका के कार्यकाल के ही बीच। और तो और, राज्यसभा के चुनावों तक में इस तरह की राजनीति दिखी। चुनाव बाद नतीजों से पहले ही उम्मीदवारों तक को सुरक्षित रिजॉर्ट में पहुंचाने के भी उदाहरण दिखे। लेकिन बीसीसीआई के चुनावों में तो इससे पहले ही 'रिजॉर्ट पॉलिटिक्स' की झलक दिख गई थी। एक तरफ शरद पवार थे तो दूसरी तरफ जगमोहन डालमिया। आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी ने खुलासा किया है कि किस तरह 2005 के बीसीसीआई चुनाव में प्रतिद्वंद्वी पक्षों ने बोर्ड मेंबरों को होटलों में बंद रखा। दूसरे पक...