हॉकी विश्व कप में भारतीय महिला टीम का ऐतिहासिक प्रदर्शन, पुरुष नहीं उतरे उम्मीदों पर खरे, विजेता- उपविजेता कौन रहे?
वॉवरे , अगस्त 31 -- पिछले सोलह दिन से चल रहे विश्व हॉकी के महासमर में एक ओर महिला वर्ग में डच दबदबा टूटा तो पुरूष हॉकी में जर्मनी ने एक बार फिर अपना लोहा मनवाया। जबकि भारतीय टीमें पांच दशक बाद पदक के करीब पहुंचकर एक बार फिर चूक गईं। यूट्रेक्ट में 1998 में हुए विश्व कप के बाद पहली बार महिला और पुरूष टूर्नामेंट एक साथ खेले गए लेकिन दो देशों में और दो शहरों में। नीदरलैंड ने पहली बार एम्सटेलवीन में हॉकी के लिये खास तौर पर बनाये गए वेगनेर स्टेडियम में विश्व कप की मेजबानी की तो बेल्जियम के वॉवर में बेलफियस हॉकी एरेना के रूप में खेल को नया ठिकाना मिला। एम्सटेलवीन में खचाखच भरे स्टेडियम में संगीत के साथ हॉकी जलसे की तरह लगी तो ब्रसेल्स शहर से दूर वॉवरे में बीयर और वॉफेल्स के साथ हॉकी सुकून की तरह नजर आई। लेकिन दोनों ही मेजबान दिग्गज खिताब से वंचि...
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