कानपुर, दिसम्बर 24 -- कानपुर। हैलट अस्पताल के नेत्र रोग विभाग ने बड़ी सफलता हासिल की है। बीते एक माह में बच्चों में मोतियाबिंद के मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है। डॉ. शालिनी मोहन के अनुसार, जन्मजात मोतियाबिंद, आंख में चोट, लंबे समय तक स्टेरॉयड दवा का सेवन व पटाखों से लगी चोटें हैं। कई मामलों में चोट के कारण आंख का प्राकृतिक लेंस अपनी जगह से खिसक गया। नौ वर्षीय बच्ची का मोतियाबिंद ऑपरेशन अत्याधुनिक फेको तकनीक से सफलतापूर्वक किया। इस दौरान कैप्सूलर हुक और सीटीआर का उपयोग कर लेंस बैग को स्थिर किया गया, जिसके बाद कृत्रिम लेंस का सुरक्षित प्रत्यारोपण किया गया। पिछले एक माह में इसी तकनीक से चार बच्चों के सफल ऑपरेशन किए गए। डॉ. नम्रता पटेल, डॉ. शुभि सचान, डॉ. राकेश, डॉ. शिवांगी एवं डॉ. मधु यादव का सराहनीय योगदान रहा।

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