संतकबीरनगर, अप्रैल 20 -- संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। मुख्यमंत्री की हैंडलूम-पावरलूम विकास योजना लागू होने के बाद क्षेत्र के बुनकरों में एक बार फिर उम्मीद की किरण जगी है। वर्षों से आर्थिक तंगी और काम की कमी के कारण बदहाल चल रहा बुनकरी व्यवसाय अब धीरे-धीरे पटरी पर लौटता नजर आ रहा है। योजना को लेकर बुनकरों में खुशी का माहौल है।बुनकरों ने बताया कि बीते कई वर्षों से बेडशीट और अन्य कपड़ों के उत्पादन में गिरावट, पावरलूम पर छापेमारी और आर्थिक संकट के चलते मेंहदावल, सई बुजुर्ग, नौरो, अमरडोभा, हरदी व खलीलाबाद समेत आसपास के क्षेत्रों के कई बुनकर पलायन को मजबूर हो गए थे। स्थानीय स्तर पर यह पारंपरिक उद्योग लगभग समाप्ति की कगार पर पहुंच गया था। लेकिन प्रदेश सरकार के हैंडलूम-पावरलूम विकास योजना की शुरुआत ने एक बार फिर बुनकरों के उम्मीदों को जगा दिया है।...
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