फतेहपुर, मार्च 25 -- फतेहपुर, संवाददाता। शहर से लेकर गांवों तक में बिगड़े खड़े हैंडपंप पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे है। गर्मियों की शुरुआत से पहले ही हैंडपंपों की दशा से गला सूखना तय है। रिबोरिंग से लेकर मरम्मत तक में लाखों बहाए लेकिन आज तक हैंडपंपों में पानी की धारा नहीं बही। पेयजल की धड़ाम व्यवस्था से शिकायतों का सिलसिला शुरु हो गया है। जिले की 13 ब्लॉकों के 816 ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों की प्यास बुझाने को 20 हजार सरकारी हैंडपंप लगाए है। 15वें वित्त से हैंडपंपों की मरम्मत और रिबोरिंग के नाम पर बड़ा खेल होता है। अफसरों जिम्मेदारों के रहमोकरम पर घटिया क्वालिटी की सामग्री उपयोग से अधिकांश हैंडपंप जर्जर स्थिति में पहुंचते रहे है। लाखों की रकम खर्च होने के बाद भी सैकड़ो हैंडपंप हवा फेंक रहे है। गर्मियों की शुरुआत से पहले बदहाल व्यवस्...