बस्ती, अप्रैल 1 -- बस्ती, निज संवाददाता। कांवरिया संघ चैरिटेबल की ओर से आयोजित प्रभु संबंध अभियान व श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन ब्रह्मचारी शिवबली चौबे ने कहा कि ईश्वर से संबंध बनाने के लिए हृदय में सच्चा प्रेम, विश्वास और निरंतर स्मरण की जरूरत होती है। इसके लिए प्रतिदिन प्रार्थना, भक्ति, सुमिरन, सेवा और पवित्र जीवन जीने का प्रयास करें। प्रभु को अपना सखा, माता, पिता या स्वामी मानकर अपना सुख-दुःख साझा करें, जिससे निस्वार्थ प्रेम और समर्पण का भाव जगे। कथा व्यास ने कहा कि भगवान को केवल ज्ञान या कर्म से नहीं, बल्कि निस्वार्थ प्रेम से प्राप्त किया जा सकता है। उन्हें अपना सब कुछ सौंपकर समर्पण का भाव अपनाएं। जब आप संसार में काम कर रहे हों, तब भी मन में प्रभु का नाम कृष्ण, राम, हरि जपते रहें। उनके अस्तित्व को हर वस्तु में महसूस करें। जरूरतमंदों ...
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