लखनऊ, दिसम्बर 10 -- लखनऊ। वरिष्ठ संवाददाता मोहनलालगंज से एक किमी. आगे स्थित हुलासखेड़ा के दिन बहुरने वाले है। यहां पर उत्खनन के दौरान पुरास्थल पर जो कलाकृतियां मिली थीं, उसे बचाने के लिए एक करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह काम पुरातत्व निदेशालय करेगा। यह काम आगामी जून तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। पुरातत्व विभाग के अधिकारी बताते हैं कि हुलासखेड़ा में आर्द्रभूमि (वेटलैंड) के संरक्षण और पुनरुद्धार का काम शुरू हुआ है, जिसे सामुदायिक अभ्यारण्य के रूप में विकसित किया जाएगा। यह परियोजना वन विभाग, बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) और स्थानीय समुदाय के सहयोग से की जा रही है। इसमें पैदल मार्ग, नौका विहार और अन्य सुविधाएं जोड़ी जाएंगी और पारिस्थितिक संतुलन तथा जैव विविधता को बनाए रखने पर ध्यान दिया जाएगा। कंजर्वेशन के तहत संग्राह...