पलामू, अगस्त 11 -- मेदिनीनगर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के पदधारी उत्कर्ष तिवारी ने कहा कि छात्रों की मांगों को लेकर विधानसभा मार्च को रोकते हुए कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। छात्रों की आवाज को दबाने के लिए प्रशासनिक शक्ति का इस्तेमाल करना किसी भी लोकतांत्रिक सरकार को शोभा नहीं देता। विधानसभा मार्च को रोककर कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने से छात्रों की आवाज दबने वाली नहीं है। सरकार को यह समझना चाहिए कि लोकतंत्र में सवाल पूछना और अपनी मांगों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाना हर नागरिक का अधिकार है। उन्होंने कहा कि जिस उद्देश्य से छात्र विधानसभा की ओर मार्च कर रहे थे, उस पर सरकार को संवाद करना चाहिए था, न कि उन्हें रास्ते में रोककर हिरासत में लेना चाहिए था। यह भी पढ़ें- अभाविप लाठीचार्ज के खिलाफ करे...