मुख्य संवाददाता, मार्च 22 -- यूपी के आगरा में पुलिस हिरासत में राजू गुप्ता की मौत के मामले में एक और सच उजागर हुआ है। मानवाधिकार आयोग ने नजदीकी रिश्तेदार को पांच लाख रुपये मुआवजा देने के आदेश दिए थे। पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में यह लिखकर भेजा कि राजू की मां की मौत हो चुकी है। कोई नजदीकी रिश्तेदार नहीं मिल रहा। जबकि इस पूरे मामले में पैरवी राजू के चाचा अशोक गुप्ता कर रहे थे। वह मथुरा में रह रहे हैं। इससे इतना तो साफ है कि पुलिस ने राजू के करीबी का पता लगाने का प्रयास ही नहीं किया। बता दें कि सिकंदरा थाने में पुलिस हिरासत में राजू गुप्ता की मौत के मामले में दरोगा अनुज सिरोही को दस साल और पड़ोसी अंशुल प्रताप सिंह को सात साल की सजा हुई है। वर्ष 2018 के इस सनसनीखेज मामले में पहले दिन से पुलिस को बचाने के प्रयास किए गए थे। जनता के आक्रोश और सड़क प...