रांची, अप्रैल 30 -- रांची। झारखंड हाईकोर्ट में जस्टिस एसएन प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की पीठ ने हिरासत में कथित यातना और मौत मामले की सुनवाई में राज्य सरकार पर नाराजगी जताई। सरकार ने युवक के स्वास्थ्य दस्तावेज पेश करने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा, जिस पर कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए 5 मई तक हर हाल में रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश दिया। चेतावनी दी गई कि देरी होने पर जेल आईजी व गृह सचिव को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा। मामले में मेडिकल रिपोर्ट में विरोधाभास को कोर्ट ने गंभीरता से लिया है। यह भी पढ़ें- राज्य के जेलों में डॉक्टरों की भारी कमी पर हाईकोर्ट सख्त

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