रांची, मई 7 -- रांची, विशेष संवाददाता। राज्य में पुलिस और जेल हिरासत में मौत की घटनाओं से संबंधित जनहित याचिका पर गुरुवार को सुनवाई पूरी करने के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से लिखित बहस प्रस्तुत करते हुए सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न फैसलों, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के दिशा-निर्देशों तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 196(2) का हवाला दिया गया। सुनवाई के दौरान पूर्व में दाखिल गृह सचिव के शपथ पत्र का भी उल्लेख किया गया, जिसमें बताया गया था कि वर्ष 2018 से 2025 के बीच राज्य में पुलिस और जेल हिरासत में करीब 500 लोगों की मौत हुई। इनमें लगभग आधे मामलों में न्यायिक जांच नहीं कराई गई। इससे पहले हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से स्पष्ट जानकारी मांगी थी कि हिरासत में हुई मौतों के मामलों में न्यायिक जांच करा...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.