हजारीबाग, मई 2 -- इचाक, प्रतिनिधि।वन आश्रयणी क्षेत्र में पल रहे हिरणों समेत अन्य वन्य जीवों के अस्तित्व पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। पर्याप्त भोजन और सुरक्षित माहौल नहीं मिलने के कारण हिरण अक्सर जंगल से निकलकर गांवों की ओर भटक रहे हैं। बीते कुछ दिनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं। 26 अप्रैल को एनएच-33 के पास, 29 अप्रैल को बरियठ गांव में और 1 मई को जोगीडीह गांव में घायल हिरणों को ग्रामीणों ने रेस्क्यू किया। ताजा घटना में जोगीडीह-जगड़ा गांव के ग्रामीणों ने एक घायल बार्किंग डियर को बचाकर मानवता की मिसाल पेश की। हालांकि रेस्क्यू के दौरान कुछ ग्रामीण हल्के रूप से घायल भी हुए। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम, डीएफओ मौन प्रकाश के निर्देश पर मौके पर पहुंची और हिरण को इलाज के लिए अपने साथ ले गई। अधिकारियों ने बताया कि स्वस्थ होने के बाद...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.