फतेहपुर, मार्च 7 -- फतेहपुर। बदलते दौर में आधी आबादी के सोचने का तरीका भी बदल गया है। दोआबा की महिलाएं और बेटियां भी झुमके और सुरमे से आगे निकल कर जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर रही हैं। कठिन माने जाने वाले तकनीकी क्षेत्रों में भी उनका जलवा है। बेटियां जहां शिक्षा के दम पर नित नई ऊंचाइयां छू रही हैं तो वहीं गांव की महिलाएं भी खुद को आत्मनिर्भर बनाते हुए अन्य महिलाओं को भी सशक्तीकरण का संदेश दे रही हैं। इनकी राह में चुनौतियां अपार थीं। हर कदम पर दुश्वारियां थीं। कहीं अपनों का साथ मिला तो कहीं मुखालफत करनी पड़ी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। आगे बढ़ने और कुछ अलग करने की ललक ने आखिकार उन्हें बुलंदियों पर पहुंचा दिया। अपनी हिम्मत, हौसले और जज्बे के दम पर बेटियां कामयाबी की नई दास्तान लिख रही हैं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर दोआबा की कु...
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