हिमालय से लेकर समंदर तक मंडरा रहा बड़ा खतरा, 'खौलने लगा' महासागरों का पानी
नई दिल्ली, सितम्बर 15 -- शैलेन्द्र सेमवाल कुदरत के दो सबसे बड़े रक्षक आज इंसानी दखल और जलवायु परिवर्तन के दोहरे मोर्चे पर जूझ रहे हैं। एक तरफ समुद्र में तापमान के सारे रिकॉर्ड टूट रहे हैं। यह महीनों तक बढ़ा ही रहता है। वहीं दूसरी ओर, अनियंत्रित सैलानियों की भारी भीड़ और कंक्रीट के बेतरतीब जाल ने हिमालय की चोटियों को तबाही के मुहाने पर धकेल दिया है। भारतीय हिमालयी क्षेत्र में बढ़ते पर्यटन से पर्यावरण पर दबाव बढ़ रहा है। वैज्ञानिकों ने हिमालय के मौजूदा आर्थिक विकास मॉडल में बदलाव की जरूरत बताई है। अनियंत्रित पर्यटन पर रोक लगाकर इको-टूरिज्म और पारंपरिक व जैविक खेती को बढ़ावा देने की सलाह दी है। जीबी पंत नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन एनवायरनमेंट (जीबीपीएनआईएचई) और सिस्टेमिक, इंटीग्रेटेड माउंटेन इनिशिएटिव (आईएमआई) की रिपोर्ट के मुताबिक भारत के ...
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