शैलेन्द्र सेमवाल, अप्रैल 7 -- उच्च हिमालयी क्षेत्रों के ग्लेशियरों में भूतापीय गर्मी का नकारात्मक प्रभाव नजर आने लगा है। हाल के अध्ययन में पता चला है कि न केवल वैश्विक तापमान ग्लेशियर की ऊपरी परत को पिघला रहा है बल्कि भूगर्भीय ताप भी ग्लेशियर के अंदरूनी हिस्सों के लिए नुकसानदायक साबित हो रहा है। लद्दाख क्षेत्र के चार ग्लेशियरों पर इस बदलाव का असर देखने को मिला है। यह शोध फिजिकल ज्योग्रॉफी जर्नल में प्रकाशित हुआ है। वाडिया हिमालय भू-विज्ञान संस्थान के ताजा शोध में हिमालयी क्षेत्रों में मौसम बदलने और उसके नकारात्मक बदलावों के स्पष्ट संकेत मिले हैं। एरोसोल, माइक्रो प्लास्टिक प्रदूषण, बढ़ते वैश्विक तापमान की चुनौतियां और बर्फबारी की कमी के अलावा अध्ययन में पता चला है कि भूतापीय गर्मी से भी ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं। उनके आसपास की झीलों का...
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