हिमाचल HC का बड़ा फैसला, जेनरेटर से बनाई बिजली पर टैक्स वसूली नहीं कर सकती सरकार
शिमला, अगस्त 7 -- हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने उद्योगों और ऐसे सभी उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है, जो बिजली कटौती के दौरान डीजल जेनरेटर या किसी अन्य साधन से अपने इस्तेमाल के लिए बिजली पैदा करते हैं। कोर्ट ने साफ कहा है कि केवल अपनी खपत के लिए तैयार की गई बिजली पर राज्य सरकार बिजली ड्यूटी (टैक्स) नहीं लगा सकती। इसी के साथ हाईकोर्ट ने हिमाचल प्रदेश बिजली (ड्यूटी) अधिनियम, 2009 की धारा 3(1)(xi) को कानून के अनुरूप नहीं मानते हुए रद्द कर दिया है। यह फैसला न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ ने मैसर्ज रुचिरा पेपर्ज लिमिटेड की ओर से दायर रिट याचिका पर सुनाया। कंपनी ने उस कानूनी प्रावधान को चुनौती दी थी, जिसके आधार पर अपने उपयोग के लिए डीजल जेनरेटर से पैदा की गई बिजली पर भी बिजली ड्यूटी वसूली जा रही थी।'डीजल से बिजली बनाना सा...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.