शिमला, अप्रैल 7 -- हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर एक बड़ा और सख्त फैसला लेते हुए स्पष्ट कर दिया है कि अब प्रदेश में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को सेवा विस्तार, पुनर्नियुक्ति या दोबारा अनुबंध पर रखने के प्रस्ताव स्वीकार नहीं किए जाएंगे। सरकार के इस फैसले को वित्तीय अनुशासन और प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।सरकार को नहीं भेजा जाएगा प्रस्ताव इस संबंध में मुख्य सचिव की ओर से सभी प्रशासनिक सचिवों को निर्देश जारी किए गए हैं। जारी आदेश में कहा गया है कि अब से किसी भी विभाग की ओर से किसी अधिकारी या कर्मचारी को सेवा विस्तार, पुनर्नियुक्ति या पुनः नियुक्त करने से जुड़ा कोई प्रस्ताव सरकार को नहीं भेजा जाएगा।सभी विभागों को निर्देश साथ ही स्पष्ट किया गया है कि यदि ऐसे प्रस्ताव भेजे भी...