शिमला, फरवरी 5 -- आज के डिजिटल दौर में सरकारी कामकाज तेजी से ऑनलाइन होने के बीच हिमाचल प्रदेश सरकार ने अधिकारियों के घरों पर इस्तेमाल होने वाली संचार सुविधाओं से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। अब अधिकारियों को केवल लैंडलाइन और मोबाइल ही नहीं बल्कि इंटरनेट आधारित संचार सेवाओं के खर्च के लिए भी तय सीमा तक राशि दी जाएगी। वित्त विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर सभी विभागों को इसे लागू करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का कहना है कि पहले अधिकारियों को उनके आवास पर लगे टेलीफोन के खर्च के लिए ही निर्धारित राशि मिलती थी, लेकिन अब प्रशासनिक कामकाज में इंटरनेट का उपयोग तेजी से बढ़ गया है। इसलिए 'फिक्स्ड बाइमंथली रेजिडेंशियल टेलीफोन अमाउंट' के दायरे में इंटरनेट आधारित संचार सुविधाओं को भी शामिल कर दिया गया है। इससे अधिकारी घर से भी सरकारी कामकाज आसान...
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