शिमला, मई 11 -- हिमाचल प्रदेश में चिट्टे के नशे के बढ़ते खतरे के बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर ने नशे के खिलाफ अब तक का सबसे सख्त और व्यापक अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने सोमवार को शिमला में पत्रकार वार्ता में कहा कि प्रदेश के सरकारी शिक्षण संस्थानों में प्रोफेशनल कोर्सेज में दाखिला लेने वाले छात्रों का हर साल चिट्टा टेस्ट किया जाएगा। उन्होंने कहा कि डॉक्टर और इंजीनियरिंग से जुड़े सरकारी संस्थानों में अगले महीने से यह व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि यदि कोई छात्र चिट्टा टेस्ट में पॉजिटिव पाया जाता है तो उसे कोर्स से बाहर नहीं किया जाएगा, उसका पुनर्वास कराया जाएगा ताकि वह अपनी पढ़ाई पूरी कर सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नशे को सिर्फ कानून-व्यवस्था का मामला नहीं, सामाजिक और पीढ़ियों से जुड़ा गंभीर संकट ...