देहरादून, अप्रैल 29 -- भवन श्री कालिका माता समिति द्वारा कालिका मंदिर में चल रही श्री भक्तमाल कथा के चौथे दिन बुधवार को कथा व्यास रसिक कपिल बावरा ने मीरा बाई के जीवन चरित्र को सुंदर ढंग से प्रस्तुत करते हुए मीरा बाई के पूर्व जन्म की कथा सुनाई। कथा के एक प्रसंग में उन्होंने बताया गया कि किस प्रकार मीरा बाई पिछले जन्म में माधवी नाम की गोपी थी, जो अविचल गोप के पुत्र सुंदर गोप के साथ ब्याह के बाद नंदगांव आई थी। हिन्दू सनातन धर्म में नर सेवा-नारायण सेवा पर विशेष भाव रखने पर उन्होने कहा कि श्री कालिका माता मंदिर में अन्नपूर्णा क्षेत्र में निरंतर जरूरतमंदों को राशन भोजन भेंट किया जाता है, इससे समाज को शिक्षा लेनी चाहिए। हम बड़े-बड़े भंडारे, यज्ञ आदि करते हैं। किंतु हमारे घर के पास ही कोई परिवार यदि भूखा सो रहा है, तो उनका मानना है कि उस भंडारे स...