मऊ, जुलाई 1 -- मऊ, संवाददाता। भुजौटी स्थित राहुल सांकृत्यायन सृजन पीठ में बुधवार को मकबूल शायर डॉ.बशीर बद्र की याद में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जसम मऊ के अध्यक्ष मनोज सिंह ने कहा कि डॉ.बशीर बद्र ने अपने दौर की सामयिक शायरी की। वह हिंदू-मुस्लिम एकता के हिमायती थे। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता और सीएमपी पीजी कॉलेज, प्रयागराज में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ.नफीस अहमद ने कहा कि बशीर बद्र उर्दू ग़ज़ल के शायर थे। उनकी ग़ज़लों के अशआर छोटे मिसरों (पंक्तियों) के होते हैं। शायरी बहुत आसान शब्दों में होती है, जिसे सुनकर हर किसी को लगता है कि वह भी ऐसा लिख सकता है। यही डॉ.बशीर बद्र की शायरी की कामयाबी है। राहुल सांकृत्यायन सृजन पीठ के संस्थापक और वरिष्ठ आलोचक डॉ.जयप्रकाश धूमकेतु ने कहा कि बाजार से अदब को बचाने की आवश्यक...