भदोही, जून 27 -- गोपीगंज, हिन्दुस्तान संवाद। नगर में आज भी गंगा-जमुनी तहजीब की खूबसूरत मिसाल देखने को मिल रही है। देश की आजादी से पहले से ही हिंदू समाज के लोग मोहर्रम के अवसर पर ताजियादारी की परंपरा को पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ निभाते चले आ रहे हैं। नगर के ज्ञानपुर रोड स्थित नोनियांन गली निवासी लोगों ने बताया कि उनके दादा-परदादा के समय से ही परिवार के लोग हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मोहर्रम की नौवीं तारीख को ताजिए को श्रद्धा और सम्मान के साथ अपने दरवाजे पर स्थापित करते हैं। ताजिए की विधिवत पूजा-अर्चना एवं नजर-नियाज के बाद उसे बैठाया जाता है तथा मोहर्रम की दसवीं तारीख को नगर के अखाड़े के साथ शामिल होकर जीटी रोड स्थित गिराई कर्बला मैदान में ठंडा किया जाता है। यह भी पढ़ें- फतेहगंज पूर्वी में निकला गया ताजियों का जुलूस स्थानीय लोगो...