रुद्रपुर, जुलाई 10 -- खटीमा, संवाददाता। प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन ने वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए विधायी संरक्षण देने और पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग उठाई है। एसोसिएशन ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम तुषार सैनी को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद ने 23 अगस्त 2010 को जारी अधिसूचना में शिक्षकों के लिए न्यूनतम योग्यता के रूप में टीईटी को अनिवार्य किया था। आरोप लगाया कि सर्वोच्च न्यायालय के एक सितंबर 2025 और 29 मई 2026 के निर्णयों के बाद वर्ष 2010 से पहले तत्कालीन नियमों और पात्रता मानकों के आधार पर नियुक्त शिक्षकों पर भी टीईटी की अनिवार्यता लागू हो गई है। यह भी पढ़ें- टीईटी से राहत और पुरानी पेंशन बहाली की मांग एसोसिएशन का कहना है कि इससे शिक्षकों की से...