हिंसा से बचें, आत्मा को पहचानें और परमात्मा पद की ओर बढ़ें
देहरादून, सितम्बर 1 -- देहरादून। प्रमुखा संवाददाता श्री दिगंबर जैन पंचायती मंदिर एवं जैन भवन में मंगलवार को आर्यिका रत्न 105 श्री पूर्णमति माताजी के सान्निध्य में चल रहे वर्षायोग के तहत धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हुए। धर्मसभा में माताजी ने जीवों के प्रति अहिंसा और आत्मचिंतन का संदेश दिया।उन्होंने कहा कि जीव हिंसा से पाप कर्मों का बंध बढ़ता है। मनुष्य को सबसे पहले स्वयं को आत्मा के रूप में स्वीकार करना चाहिए, तभी वह परमात्मा पद की ओर आगे बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि लोग मनोरंजन के लिए पर्यटन स्थलों पर समय और धन खर्च करते हैं, लेकिन आत्मकल्याण और धर्म के मार्ग की ओर उतना ध्यान नहीं देते।मसूरी के झरने का उदाहरण देते हुए उन्होंने जीवदया और अहिंसा का महत्व समझाया। उन्होंने श्रद्धालुओं से हर कार्य में जीवों के प्रति करुणा रखने और आत्मकल्याण की दि...
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