हिंदू होने के लिए मंदिर जाना जरूरी नहीं, घर में दिया जलाना काफी; सबरीमाला मामले में सुप्रीम कोर्ट
नई दिल्ली, मई 13 -- सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को सबरीमाला मामले पर सुनवाई के दौरान हिंदू धर्म को लेकर कुछ अहम टिप्पणियां की हैं। 9 जजों की संवैधानिक पीठ ने कहा है कि हिंदू धर्म असल में एक वे ऑफ लाइफ यानी 'जीवन जीने का एक तरीका' है और आस्था साबित करने के लिए मंदिर जाने की कोई जरूरत नहीं है। इस दौरान मुख्य न्यायधीश जस्टिस सूर्यकांत ने जस्टिस बीवी नागरत्ना की बातों पर सहमति जताते हुए यह भी कहा कि अपनी आस्था साबित करने के लिए घर के अंदर दिया जलाना भी काफी है। बता दें कि CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली यह बेंच सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश और महिलाओं की धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। बुधवार को इस मामले पर 15वें दिन सुनवाई हुई। इस दौरान याचिकाकर्ता की ओर से दलील देते हुए अधिवक्ता डॉ. मोहन गोपाल ने कहा कि धार्मिक ...
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