लंदन, नवम्बर 7 -- लंदन में एक भारतीय मूल के परिवार ने अपने बेटे के स्कूल पर मुकदमा कर दिया है। असल में इस स्कूल में बच्चे के माथे पर तिलक लगाने की अनुमति नहीं दी थी। यह बच्चा नौ साल का है और प्राइमरी स्कूल में पढ़ता था। इस बच्चे के परिवार ने अब लंदन हाई कोर्ट में अपील की है। उनका दावा है कि उन्हें इक्वैलिटी एक्ट 2010 के तहत धार्मिक भेदभाव का सामना करना पड़ा। साथ ही ह्यूमन राइट्स एक्ट 1998 के तहत अधिकारों के उल्लंघन का भी आरोप लगा है। इस परिवार का प्रतिनिधित्व लॉ फर्म आश्रय लॉ कर रही है। इसके अलावा उन्हें एक संगठन ऐक्शन फॉर हारमनी का समर्थन भी हासिल है।2021 से लगा रहा है तिलक लड़के के पिता ने पश्चिमी लंदन के विकार्स ग्रीन प्राइमरी स्कूल से 25,000 पाउंड के नुकसान की मांग की है। यह छात्र, स्वामीनारायण परंपरा का एक प्रैक्टिसिंग हिंदू है। वह स...