औरंगाबाद, मार्च 14 -- हिंदू नव वर्ष भारतीय संस्कृति, परंपरा और नव आरंभ का प्रतीक माना जाता है। इस दिन से भारतीय पंचांग के अनुसार नए वर्ष की शुरुआत होती है और इसे समाज में सकारात्मकता, धार्मिक आस्था तथा सांस्कृतिक चेतना के पर्व के रूप में मनाया जाता है। इसी को लेकर अंबा के सतबहिनी मंदिर परिसर में आगामी 21 मार्च को हिंदू नव वर्ष मनाने का निर्णय लिया गया है। यह निर्णय सतबहिनी मंदिर न्यास समिति और स्थानीय बुद्धिजीवियों की बैठक में लिया गया। बैठक मंदिर परिसर में आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता न्यास समिति के सदस्य मिथिलेश कुमार मेहता ने की। बैठक में उपस्थित वक्ताओं ने हिंदू नव वर्ष के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व भारतीय सभ्यता की गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है और समाज को एकजुट करने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने...