नई दिल्ली, मार्च 7 -- चैत्र माह की शुक्ल प्रतिपदा से भारतीय परंपरा के अनुसार नए साल की शुरुआत होती है। इसी दिन से हिंदू नववर्ष (विक्रम संवत 2083) का आरंभ माना जाएगा। साल 2026 में यह तिथि 19 मार्च को पड़ रही है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इस बार का संवत्सर कई मायनों में खास माना जा रहा है, क्योंकि नए वर्ष में देवगुरु बृहस्पति को राजा और मंगल ग्रह को मंत्री का पद प्राप्त होगा। ज्योतिषशास्त्र में वर्ष के राजा और मंत्री ग्रह का विशेष महत्व माना जाता है। जब गुरु राजा होते हैं तो धर्म, ज्ञान, शिक्षा और आर्थिक गतिविधियों में सकारात्मकता बढ़ने की संभावना रहती है। वहीं मंगल मंत्री होने से ऊर्जा, साहस और कार्यक्षमता से जुड़े क्षेत्रों में तेजी देखने को मिल सकती है। नए संवत्सर में ग्रहों की चाल का प्रभाव- ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार विक्रम संवत 2083 ...
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