नई दिल्ली, जनवरी 21 -- हिंदू धर्म और भारतीय ज्योतिष शास्त्र में दिन को 8 प्रहर में बांटा गया है। एक प्रहर लगभग 3 घंटे का होता है, यानी 24 घंटे के दिन में कुल 8 प्रहर बनते हैं। ये प्रहर सूर्योदय से शुरू होकर अगले सूर्योदय तक चलते हैं। प्रत्येक प्रहर का अपना विशेष महत्व, देवता और ऊर्जा होती है। इन प्रहरों के अनुसार पूजा, शुभ कार्य, खरीदारी, यात्रा और दैनिक क्रियाएं करने से जीवन में सकारात्मक परिणाम मिलते हैं। वहीं कुछ प्रहरों में कुछ कार्य वर्जित माने जाते हैं। आइए जानते हैं दिन के 8 प्रहरों का महत्व और हर प्रहर में क्या करना चाहिए तथा क्या नहीं करना चाहिए।प्रथम प्रहर (सूर्योदय से 3 घंटे बाद तक) यह प्रहर ब्रह्म मुहूर्त से लेकर सुबह के समय तक का होता है। इस समय की ऊर्जा बहुत शुद्ध और सात्विक होती है। इस प्रहर में ध्यान, योग, स्नान और पूजा कर...
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