नई दिल्ली, फरवरी 6 -- नई दिल्ली। डीयू के हिंदू कॉलेज में शुक्रवार को 'रचनात्मक मस्तिष्क के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता' विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें शिक्षा, शासन और शोध के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की बढ़ती भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। इस कार्यक्रम में विभिन्न विषयों के प्राध्यापक एवं विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्या प्रो. अंजू श्रीवास्तव ने भारत में एआई के शैक्षणिक एवं आर्थिक महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विदेशी तकनीकी समाधानों पर अत्यधिक निर्भरता को कम कर स्वदेशी नवाचार को बढ़ावा देना आवश्यक है, जिससे रोजगार और आजीविका के नए अवसर विकसित हो सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय का पाठ्यक्रम धीरे-धीरे आधुनिक तकनीकी विकासों के अनुरूप बनाया जा रहा है, ...
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