इस्लामाबाद, जुलाई 10 -- पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय की लड़कियों के साथ हो रहे जबरन धर्मांतरण और बाल विवाह के मामलों पर यूरोपीय संसद ने कड़ा रुख अपनाया है। गुरुवार को यूरोपीय संसद ने एक प्रस्ताव पारित कर पाकिस्तान में युवा लड़कियों के अपहरण, जबरन धर्म परिवर्तन और बाल विवाह की कड़ी निंदा की है। साथ ही पाकिस्तान सरकार से अपील की है कि वह धार्मिक अल्पसंख्यकों से ताल्लुक रखने वाली लड़कियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाए।क्या है 13 साल की मारिया का मामला? यूरोपीय संसद ने अपने प्रस्ताव में मुख्य रूप से 13 साल की पाकिस्तानी ईसाई लड़की मारिया शाहबाज के मामले को प्रमुखता से उठाया है। मारिया का अपहरण कर उसे जबरन इस्लाम कुबूल करवाया गया और इसी साल मार्च में उसके अपहरणकर्ता के साथ ही उसकी जबरन शादी करा दी गई। यूरोपीय सांसदों ने मां...