वाराणसी, जून 26 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। हिंदी ग़ज़लों की धारा को अविरल-निर्मल बनाने के उद्देश्य से गठित साहित्यिक संस्था अलंकार साहित्य की पहली बैठक गुरुवार को हुई। संस्था के चितईपुर स्थित कार्यालय में हुई बैठक में संस्था की नियमावली को अंतिम रूप दिया गया। भावी आयोजनों की रूपरेखा का निर्धारण भी किया गया।

संस्थान के उद्देश्य डॉ. महेंद्र तिवारी 'अलंकार' की अध्यक्षता में हुई बैठक में संस्था के संरक्षक पूर्व न्यायाधीश डॉ. चंद्रभाल सुकुमार ने शहर से बाहर होने के कारण ऑनलाइन संबोधन किया। उन्होंने कहा कि संस्था का संचालन बिना किसी राग-द्वेष के साहित्यहित में किया जाय तथा सभी विधाओं का सम्मान करते हुए शहर में एक मजबूत पौध तैयार की जाय, ताकि बनारस की साहित्यिक विरासत को अक्षुण्ण रखा जा सके।

कार्यशालाएं और गोष्ठियां डॉ. महेंद्र तिवारी 'अलंका...