अररिया, मई 1 -- अररिया,निज संवाददाता संघर्ष और शहादत के बदौलत अधिकार हासिल करने वाले मजदूरों के अधिकारों को आज हाशिए पर धकेल दिया गया है।भारत सहित दुनिया मे की प्रगति श्रमिकों का श्रम के कारण ही मुमकिन हुआ है। लेकिन असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को आज न्यूनतम मजदूरी भी नहीं मिल रहा है। ट्रेड यूनियन से जुड़े सीपीएम के जिला सचिव राम विनय राय ने कहा कि युपीए वन सरकार ने मनरेगा,सनिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड व अन्य जो अधिकार दिया वो आज श्रमिकों के लिए कोई काम का नहीं रहा।एनडीए नीत मोदी सरकार का तीसरा कार्यकाल मजदूरों के लिए काला अध्याय से कम नहीं है। यह भी पढ़ें- श्रमिकों में असंतोष होना चिंताजनक मजदूरों को प्राप्त संविधान में सभी अधिकार और तमाम अन्य अधिकार को मोदी सरकार एक-एक कर बेरहमी से खत्म और करते जा रही है। इस का उदहारण है कि तमाम लेबर संहि...
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