लखनऊ, मार्च 14 -- लखनऊ, प्रमुख संवाददातादस दिन से चल रहे गैस संकट का असर अब सड़क किनारे और छोटे बाजारों की खान-पान की दुकानों पर पड़ने लगा है। अब तक किसी तरह से घरेलू गैस सिलेंडर से काम चला रहे इन दुकानदारों के सामने गैस खत्म होने से रोजी-रोटी का संकट गहराने लगा है। स्थिति यह है कि जो बाजार गरमागरम पकौड़े, समोसा और खस्ते से गुलजार रहते थे वहां चूल्हे ठंडे पड़ गए हैं। कई दुकानदार अब सिर्फ चाय, बंद मक्खन और बिस्कुट पर सिमट गए। कुछ ने अपनी दुकान ही बंद कर दी है, कारीगरों को उनके गांव भेज दिया है।एक ने भट्ठी सुलगाई तो दूसरा चाय तक सिमटाआईटी चौराहा से डालीगंज की तरफ बढ़ने पर बाईं तरफ अमित कुमार ने सिलेंडर खत्म होने के बाद अब भट्ठी सुलगा ली। पहले सुबह और शाम को उनकी दुकान पर गरमागरम पूड़ी-छोले, पकौड़े, समोसा, नमक पारा और कचौड़ी की खुशबू आती रहत...
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