नई दिल्ली, मई 5 -- भारतीय राजनीति में जहां अक्सर हार के बाद आरोप-प्रत्यारोप और जिम्मेदारी से बचने की प्रवृत्ति देखने को मिलती है, वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भंवर जितेंद्र सिंह ने एक अलग राह चुनते हुए सियासी हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। असम विधानसभा चुनाव 2026 में पार्टी की करारी हार के बाद उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए असम के प्रभारी महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस कदम ने दिल्ली से लेकर राजस्थान तक राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।हार के तुरंत बाद लिया बड़ा फैसला चुनाव नतीजों के सामने आते ही कांग्रेस के कमजोर प्रदर्शन ने पार्टी नेतृत्व को झटका दिया। इसी के तुरंत बाद भंवर जितेंद्र सिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को अपना इस्तीफा सौंप दिया। यह कदम ऐसे समय में आया है जब पार्टी के भीतर हार के कारणों को लेकर मंथन...
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