हापुड़ के पर्यावरण प्रहरियों की मुहिम जगा रही अलख
हापुड़, जून 5 -- जिला प्रशासन के प्लान पर जनपद की एक मात्र उदगम नदी पुनर्जीवित का दावा कर चुके है। इसके अलावा क्षेत्र से होकर निकल रही काली नदी को जीवित कराने के लिए पर्यावरण विद् एसडीएम कोर्ट से लेकर एनजीटी कोर्ट तक जा पहुंचे हैं। आजादी से पहले जब ज्यादा बरसात होती थी तो मेरठ जिले की तहसील हापुड़ के गांव दत्तियाना में जल प्लावन की स्थिति हो जाती थी। इसके अलावा 273 गांवों में कुएं और तालाब की भरमार थी। गंगा नदी और काली नदी के अलावा नीम नदी ऐसी नदी थी जो दत्तियाना से निकलती थी। यह प्रत्येक गांव के तालाब से मिलते हुए बुलंदशहर और अलीगढ़ तक जाकर काली नदी में मिल रही थी। यह भी पढ़ें- विश्व पर्यावरण दिवस पर कम से कम एक पौधा लगाकर पर्यावरण का करें संरक्षण: केपी मलिक जिसके बाद यह गंगा की सहायक नदी हो जाती थी। वर्तमान पीढी को पता तक नहीं था।हिन्दु...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.