हादसों के बाद भी बेपरवाही, तारों के नीचे गार्डिंग लगाने का अभियान कागजों में
जौनपुर, मई 12 -- जौनपुर, संवाददाता। बिजली आपूर्ति के लिए बिछाई गई 11 हजार केवी और 33 हजार केवी की हाईटेंशन लाइनें शहर से लेकर गांव तक लोगों की जिंदगी पर खतरा बनकर गुजर रही हैं। नियमों के अनुसार हाईटेंशन लाइनों के नीचे जहां क्रॉसिंग हो वहां दोनों खंभों के बीच सुरक्षा जाली या सुरक्षा तार लगाया जाना जरूरी होता है, ताकि तार टूटने की स्थिति में वह सीधे सड़क या लोगों पर न गिरे। इसके बावजूद शहर के कई मुख्य मार्गों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में अब तक सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए हैं। शहर के जेसीज चौराहा, वाजिदपुर तिराहा, पालिटेक्निक चौराहा मार्ग और ओलंदगंज जैसे व्यस्त इलाकों में हाईटेंशन तार मुख्य मार्गों को पार करते हुए नीचे झूल रहे हैं। कई स्थानों पर तार जर्जर हालत में हैं। स्थानीय दुकानदार सोनू ने बताया कि पिछले दिनों आई आंधी में जेसीज चौराहे पर त...
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