नई दिल्ली, मार्च 17 -- नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। द्वारका जिला स्थित मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने सड़क दुर्घटना के मामले में पीड़ित को राहत देते हुए 1.52 करोड़ रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। पीठासीन अधिकारी सुदीप राज सैनी ने माना कि दुर्घटना चालक द्वारा तेज रफ्तार और लापरवाही से गाड़ी चलाने के कारण हुई। इसके चलते याचिकाकर्ता को गंभीर चोटें आईं और वह पूरी तरह से दिव्यांग हो गए। यह मामला 11 फरवरी 2022 का है। भरत घई को एक तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी थी। हादसे में उन्हें सिर में गंभीर चोटें आईं, जिसके चलते उन्हें हाइपॉक्सिक ब्रेन इंजरी हो गई। कोर्ट ने आदेश में कहा कि दुर्घटना के बाद से ही पीड़ित बिस्तर पर है और कोमा जैसी स्थिति में है। अदालत ने स्पष्ट किया कि उपलब्ध साक्ष्यों और चश्मदीद गवाहों के बयान से यह साबित ...