रांची, अक्टूबर 6 -- रांची। विशेष संवाददाता झारखंड के सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति, शिक्षकों की कमी और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों पर झारखंड हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि बच्चों की सुरक्षा और उनके शिक्षा के अधिकार से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जा सकता। अदालत ने अधिकारियों को किसी अप्रिय घटना का इंतजार करने के बजाय संवेदनशील और जर्जर स्कूल भवनों का तत्काल भौतिक निरीक्षण करने का निर्देश दिया है। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस मनोज प्रसाद की अदालत ने मंगलवार को स्वत: संज्ञान लिए मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने यह निर्देश दिया।

स्कूलों की मरम्मत और शिक्षकों की कमी कोर्ट ने राज्य सरकार और झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (जेईपीसी) को स्कूलों की मौजूदा स्थिति, आवश्यक मरम्मत कार्य और शिक्षकों के रिक्त पदों...