नई दिल्ली, अप्रैल 29 -- हिंदू धर्म में पूजा या किसी भी धार्मिक अनुष्ठान के बाद हाथ में कलावा बांधने की परंपरा है। इसे मौली या रक्षासूत्र भी कहते हैं।यह केवल एक साधारण धागा नहीं होता, बल्कि आस्था, विश्वास और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि कलावा बांधने से व्यक्ति को नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा मिलती है और देवी-देवताओं की कृपा उस पर बनी रहती है। शास्त्रों में इसके महत्व के साथ-साथ इसे बांधने और उतारने के नियमों का भी विस्तार से उल्लेख मिलता है। इन नियमों का पालन करने से व्यक्ति को मानसिक शांति और शुभ फल प्राप्त होने की मान्यता है।कलावा बांधने के नियम कलावा बांधने के लिए कुछ विशेष नियम बताए गए हैं। परंपरा के अनुसार पुरुषों और अविवाहित कन्याओं को दाहिने हाथ में कलावा बांधना चाहिए, जबकि विवाहित महिलाओं के लिए बाएं हाथ में कलावा बांध...
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