हाथ में चप्पल, आंखों में बेटियों के सपने. जब एक बूढ़ी मां ने अपनी बेटियों के लिए जीता मैराथन
नई दिल्ली, सितम्बर 2 -- हाथ में चप्पल उठाए सड़क पर दौड़ रही इस महिला का ये वीडियो, पहली नजर में आपको बेहद सामान्य लगेगा, पर जब आप इसके पीछे की कहानी जानेंगे तो कहेंगे इस दुनिया में मां जैसा कोई नहीं। एक मां अपने बच्चों के लिए खासकर जब उनके भविष्य की बात आए तो वो कुछ भी कर सकती है। ये कहानी एक मां के जज्बे और उसकी दो बेटियों के बेहतर भविष्य के सपने की है।पति के मौत के बाद संभाली सारी जिम्मेदारी महाराष्ट्र के बीड जिले में अंबाजोगाई नाम का शहर है और इसी शहर में अपनी दो बेटियों के साथ रमाबाई रणवीर रहती हैं। पति के दुनिया से चले जाने के बाद दोनों बेटियां ही रमाबाई के जीवन का आधार हैं। दोनों बेटियों के पढ़ाई-लिखाई से लेकर सारी जिम्मेदारी अकेले रमाबाई पर है। पति की मौत के बाद के सारे हालात से अकेले लड़ते हुए रमाबाई ने फैसला किया कि वो अपनी बेटिय...
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