जयपुर, जून 29 -- कभी लकवे के कारण हाथ-पैर हिलाना भी जिन मरीजों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन जाता था, अब वही मरीज एक रोबोट की मदद से फिर से शरीर को हरकत देना सीख रहे हैं। जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल में करीब 2 करोड़ रुपए की लागत से शुरू हुई रोबोटिक फिजियोथेरेपी मरीजों के लिए नई उम्मीद बनकर सामने आई है। यह रोबोट सिर्फ एक्सरसाइज नहीं कराता, बल्कि मरीज के हर छोटे-बड़े मूवमेंट पर बारीकी से नजर रखकर उसकी रिकवरी की दिशा भी तय करता है। रीजनल रिहैबिलिटेशन सेंटर में शुरू हुई इस अत्याधुनिक सुविधा का सबसे ज्यादा फायदा पैरालाइसिस, स्पाइनल कॉर्ड इंजरी, ब्रेन इंजरी और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को मिल रहा है। डॉक्टरों का दावा है कि जिन मरीजों को लंबे समय तक लगातार फिजियोथेरेपी की जरूरत होती है, उनके लिए यह तकनीक किसी गेम चेंजर ...