खगडि़या, मई 29 -- खगड़िया। हिन्दुस्तान संवाददाता पति की सड़क हादसे में मौत के के साथ ही हाथ की मेंहदी सूखने से पहले दीपशिखा का सुहाग उजड़ गया। गत 7 मई को हो रही शादी के दौरान किसी को पता नहंी था कि यह खुशियां महज 22 दिनों में गम में बदल जाएगा। दीपशिखा के गरीब पिता ने अपनी खेत बेचकर बेटी का काफी धूमधाम से शादी किया था। यह घटना उसके सिर पर गम का पहाड़ गिरा दिया। घटना से हर कोई खासा आहत हैं। शुक्रवार को सदर अस्पताल में दीपशिखा के कारुण क्रंदन व लक्ष्मी कै छोड़कर चल गेलो हो राजा यह शब्द सुनकर हर किसी की आखें नम थी। घटना के बाद सदर अस्पताल का परिसर काफी गमगीन देखा गया।

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