सोनभद्र, अप्रैल 1 -- अनपरा,संवाददाता। एम.ई.आई.एल. कालोनी की उत्सव वाटिका श्री अनंतेश्वर महादेव प्रांगण में चल रही संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा में कथा व्यास पं बाला व्यकंटेश शास्त्री जी महाराज ने प्रभु के प्राकट्य की महिमा का व्याख्यान करते हुए कहा कि जब तक शब्द ब्रह्म नहीं आते तब तक परब्रह्म नहीं आते इसीलिए बलराम जी पहले आये हैं कृष्ण जी बाद में। शब्द ब्रह्म ही वह मार्ग है जिसके द्वारा मनुष्य परब्रह्म तक पहुंचता है। जब तक मनुष्य शब्द यानी भगवान के नाम,वेद,शास्त्र और कथा का सहारा नहीं लेता तब तक वह परब्रह्म की अनुभूति नहीं कर सकता। बताया कि नंद बाबा ने प्रभु के आने की खुशी में सब कुछ दान कर दिए। नंद के आनंद भयो,जय कन्हैया लाल की। हाथी दीनों घोड़ा दीनों और दीनों पालकी। अर्थात नंद बाबा ने अपना वर्तमान, भूत, भविष्य तीनों काल दान कर दिए। वृंदावन...
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