रामगढ़, दिसम्बर 4 -- रजरप्पा, राजेश कुमार पांडेय। मां छिन्नमस्तिका मंदिर रजरप्पा से सटे लगभग तीन सौ घरों का गांव में रह रहे 5000 की आबादी वर्तमान में डर के साए में जीने को मजबूर हैं। शाम होते ही घरों में दुबक जाना और पूरी तरह सूर्य की किरणे निकलने के बाद अपनी दिनचर्या शुरू करना ग्रामीणों की नियति बन चुकी है। सीसीएल से विस्थापीत भुचुंगडीह गांव में रहने वाले ग्रामीणों के डर की कहानी वहां से शुरू होती है, जहां ग्रामीणों ने एक दिन गांव के सामने जमीन से धुआं निकलते देख। धुंआ निकलने के पास जब ग्रामीण पहुंचे तो देखा की जमीन के अंदर कोयले में आग लगी हुई है। ग्रामीणों में भय व्याप्त हो गया, क्योंकि यह आग गांव से कुछ ही दूर में लगी हुई थी। इसकी जानकारी ग्रामीणों ने सीसीएल व जिला प्रशासन को दिया। इसके बाद जिला प्रशासन के निर्देश पर सीसीएल ने आग बुझा...
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