किशनगंज, जनवरी 8 -- दिघलबैंक। एक संवाददाता नेपाल के जंगलों से रात के समय निकलकर सीमावर्ती गांवों में घुस आने वाले हाथियों के झुंड से फसलों और आवासीय घरों को होने वाले नुकसान को कम करने के लिए इस बार वन विभाग ने पहले से ही कमर कस ली है। मानव और हाथी संघर्ष की आशंका को देखते हुए वन विभाग ने सीमावर्ती इलाकों में पांच दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम की शुरुआत की है। अभियान के पहले दिन बुधवार को वन विभाग की टीम ने बेंगलुरु से आए हाथियों के विशेषज्ञों के साथ धनतोला पंचायत के हाथी प्रभावित गांव डोरिया, बिहारटोला और हाथीडुब्बा में ग्रामीणों को जागरूक किया। इस दौरान बेंगलुरू से आये डाक्टर रुद्रा आदित्य ने ग्रामीणों को हाथियों के व्यवहार, उनकी आदतों और उनसे बचाव के घरेलू व देशी उपायों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सबसे पहले हाथियों को लेकर प्रचलित भ्रा...
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