कुशीनगर, फरवरी 26 -- कुशीनगर। इस वर्ष होली चार मार्च को मनाई जाएगी और पर्व को लेकर बाजारों में अभी से चहल-पहल बढ़ गई है। शिवरात्रि के बाद से ही रंग, गुलाल और पिचकारी के थोक बाजार में खरीदारों की भीड़ उमड़ने लगी है। दुकानों पर सजे रंग-बिरंगे पैकेट और आकर्षक पिचकारियां ग्राहकों को लुभा रही हैं। इस बार खास बात यह है कि बाजार में केमिकल युक्त रंग और गुलाल पूरी तरह से बाहर हैं। उनकी जगह हाथरस से आने वाली सुगंधित और सुरक्षित गुलाल ने ले ली है, जिसकी मांग सबसे अधिक देखी जा रही है। थोक बाजार के व्यापारियों का कहना है कि अलारोट से तैयार हाथरस की गुलाल प्राकृतिक तत्वों से बनी होने के कारण लोगों की पहली पसंद बन गई है। पिछले वर्ष की तरह इस बार भी रंग, गुलाल और पिचकारी के दामों में कोई विशेष वृद्धि नहीं हुई है। इससे ग्राहकों में संतोष का भाव है और खरी...