पाकुड़, जुलाई 28 -- हिरणपुर, एक संवाददाता। सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने तथा मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पीरामल फाउंडेशन के सहयोग से हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) की पहचान एवं प्रबंधन विषय पर ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में एएनएम, जीएनएम एवं सीएचओ ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रेम एवं बीपीएम कमलेश ने किया। डॉ. प्रेम ने कहा कि प्रत्येक गर्भवती महिला की समय पर प्रसव पूर्व जांच (एएनसी), जोखिम की पहचान और उचित रेफरल व्यवस्था से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में प्रभावी कमी लाई जा सकती है। मास्टर ट्रेनरों ने हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के 25 प्रमुख जोखिम कारकों, पहचान के तरीकों और प्रभावी प्रबंधन पर विस्तार से जानकारी दी। बीपीएम ने सभी एएनएम को एचआरप...