लखनऊ, दिसम्बर 19 -- इंडियन सोसायटी ऑफ नेफ्रोलॉजी के अधिवेशन भारत-अमेरिका मिलकर सीकेएम पर करेंगे वार लखनऊ, वरिष्ठ संवाददाता। किडनी की खराबी की बड़ा कारण हाई ब्लड प्रेशर है। 40 से 50 प्रतिशत मरीजों की किडनी बढ़े ब्लड प्रेशर की वजह से खराब होती हैं। चिंता की बात यह है कि मरीज को किडनी की बीमारी का तब पता चला है जब वह काफी हद तक खराब हो चुकी होती हैं। उसके बाद मरीज में लक्षण नजर आते हैं। यदि ब्लड प्रेशर के साथ मोटापा व लिपिड प्रोफाइल गड़बड़ा है तो अधिक संजीदा रहने की जरूरत है। इससे किडनी संग दिल को भी खतरा है। यह चिंता पीजीआई नेफ्रोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. नारायण प्रसाद ने जाहिर की। वह शुक्रवार को पीजीआई में इंडियन सोसायटी ऑफ नेफ्रोलॉजी के अधिवेशन को संबोधित कर रहे थे। डॉ. नारायण प्रसाद ने कहा कि क्रॉनिक किडनी मेटाबोलिक (सीकेएम) गंभीर समस्या...
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